शिरपुर में धूम धाम से मनाई गयी महाराणा प्रताप जयंती...!





हर साल की तरह इस साल भी शिरपुर(महाराष्ट्र) में राष्ट्रगौरव श्री महाराणा प्रतापसिंह जी की ४७० वी जयंती बड़े धूम धाम से मनाई गयी! इस अवसर पर "राष्ट्रगौरव श्री महाराणा प्रतापसिंह जयंती उत्सव समिति" की और से प्रतिमापुजन; भव्य शोभायात्रा; क्षात्रप्रतिभा सन्मान; प्रकट सभा आदि कार्यक्रमों का आयोजन किया गया था !

दोपहर ३ बजे शिरपुर के विधायक श्री अमरीश भाई पटेल, दोंडाइचा के विधायक श्री जयकुमार रावल, विधायक श्री कांशीराम पावरा;शिरपुर के प्रमुख राजनैतिक कार्यकर्ता एवं प्रमुख सरकारी अधिकारी द्वारा महाराणा प्रताप की प्रतिमा का पूजन किया गया! वहा उपस्थित अतिथियो ने सम्भोदित किया! वहा से भव्य शोभायात्रा का प्रारंभ हुवा! इस शोभा यात्रा में महाराणा और सैनिकों के वेशभूषा में सजे युवक रथयात्रा में खांस आकर्षण थे! रथ के आगे पीछे घोड़े पर बैठे युवक; नाचने वाले घोड़े लोगों के आकर्षण का केंद्र बन गए थे! ढोल-ताशे और बैंड की धून पर युवक मनो झूम रहे थे! इस शोभायात्रा में ५००० से ज्यादा लोग शरीक थे!

सायं ७ बजे शोभायात्रा शहर के प्रमुख मार्ग पर से होकर आमोदा स्थित महाराणा प्रताप मैदान पर पहुची! दीपप्रज्वलन के साथ समारोह का उद्घाटन प्रमुख अतिथियों ने किया! शिरपुर के जाने मने सामाजिक कार्यकर्ता तथा समिति के संयोजक श्री जयपाल सिंह गिरासे ने अपने प्रस्ताविक भाषण में आज तक की सारी गतिविधियों का परामर्श लेकर प्रमुख अतिथियों का परिचय करवाया! इस साल समारोह के प्रमुख अतिथि थे अंतर्राष्ट्रीय क्षत्रिय राजपूत संघ के संस्थापक कुंवर जितेन्द्रसिंह चौहान[कानपूर,उत्तर प्रदेश]..! उनके साथ दोंडाइचा संस्थान के कुंवर विक्रांत सिंहजी रावल, मालपुर दरबार गढ़ संस्थान के ठाकुर महावीर सिंह रावल (उपाध्यक्ष:जिला परिषद्,धुले) ,करवंद संस्थान के श्री काशीनाथ रावल, श्री बी.के.सिंह[आजमगढ़, उत्तर प्रदेश ] , प्रिंसिपल सुभेर सिंह पाटिल, श्री नारायण सिंह चौधरी,श्री नरेन्द्रसिंह सिसोदिया,श्री एकनाथ जमादार, श्री चंदनसिंह राजपूत, श्री विजयसिंह राजपूत, श्री विजयसिंह गिरासे,श्री अजबसिंह,श्री दरबार सिंह सिसोदिया,श्री नरेन्द्र सिंह ,श्री नेतेंद्रसिंह,श्री अमृत सिंह जमादार,श्री जगतसिंह राजपूत,श्री प्रकाशसिंह,श्री मंगलसिंह देशमुख, पुलीस अफसर श्री इंगले , डॉ श्याम राजपूत ,राजू टेलर,सुनिलसिंह पाटिल, आदि मान्यवर उपस्थित थे! समिति के कार्यकर्ताओं द्वारा अतिथिओं का स्वागत किया गया! राजपूत समाज के प्रतिभावान छात्र तथा अन्य गुनिजन का खांस ट्रोफी देकर सन्मान किया गया!इस वक़्त विभिन्न पत्रिकाओं का प्रकाशन भी किया गया!

अपने प्रमुख भाषण में कुंवर जितेन्द्रसिंह चौहान ने कहा:"अगर सच्चा क्षात्र धर्मं निभाना है तो सांस्कृतिक सरंक्षण के लिए आगे आना होगा! क्षत्रियों का भारत के निर्माण में सबसे ज्यादा योगदान रहा है! क्षत्रियो ने त्याग और समर्पण से एक अलग इतिहास का निर्माण किया! सबसे ज्यादा दानी; सबसे ऊँचा चरित्र, सबसे ज्यादा वीरता और बलिदान, सबसे ज्यादा राजनिष्ठा और देशप्रेम के अगर उदाहरण इतिहास के पन्नों पर देखे जाये तो आप को केवल क्षत्रिय नर-नारी ही नजर आयेंगे! भुत के इस महान विरासत का केवल अभिमान करना तभी सार्थक होगा जब हम अपने आचरण से क्षत्रिय संस्कार को जीवित रखेंगे! अपने एक घंटे के भाषण में उन्होंने तरह तरह के विचार;सामाजिक आन्दोलन; महाराणा प्रताप जी के अद्वितीय त्याग के उदाहरण आदि विषय पर भी अपने विचार प्रकट किये! अपने तेज वकृत्व से उन्होंने सभी जनमानस का दिल जित लिया!

श्री जयपालसिंह गिरासे ने समारोह के समारोप पर सभी का आभार जताया! श्री रत्नदीप सिंह सिसोदिया {संपादक-पुलिस टूडे} ने समारोह का सञ्चालन किया! समारोह के बाद शिरपुर के होटल किंग श्री जितेन्द्रसिंह गिरासे जी ने सभी अतिथियों के सन्मान में खास भोजन समारोह का आयोजन किया था!

इस समारोह की सार्थकता के लिए अतुल सिसोदिया,राज देशमुख,अम्बालाल राजपूत,शैलेशसिंह गिरासे, संग्रामसिंह चौधरी, सुनील सिंह राजपूत, जयेंद्रसिंह रावल,केवलसिंह राजपूत,सचिन सिंह,योगेन्द्रसिंह सिसोदिया,धनसिंह,रणवीर राजपूत, प्रफुल राजपूत, जयदीप सिंह,शिवम् सिंह, सोहन सिंह, मुकेश राजपूत,जगदीश नाना,जगदीश देशमुख आदि कार्यकर्ताओ के साथ शिरपुर तथा अन्य परिसर के युवाओ ने विशेष परिश्रम किये!

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